Monday, December 20, 2010

How correct are the proposed amendments to RTI rules

आम आदमी के लिए इंसाफ के दरवाजे खोलने व सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के मकसद से सूचना का अधिकार कानून (राईट टू इंफारमेशन एक्ट) बनाया था, जिससे आम आदमी रक्षा मंत्रालय व सुरक्षा संबंधी गोपनीय सूचनाओं को छोड़कर किसी भी विभाग की जानकारी हासिल कर सकता है, लेकिन अब नागरिकों के लिए बनाया गया यह कानून आम नहीं रहेगा।

ताजा होने जा रहे फेरबदल के अनुसार आरटीआई के आवेदनों में 250 शब्दों की सीमा होगी, जिसमें अधिकारियों और आवेदकों के पते शामिल नहीं होंगे। इसके इलावा आवेदन में सिर्फ एक ही विषय होगा। इसके साथ ही सूचना मुहैया करवाने के लिए किसी उपकरण के इस्तेमाल पर प्रशासन की ओर से की जाने वाली वास्तविक राशि भी आवेदक को देनी पड़ेगी। 'दैनिक जागरण' ने आरटीआई कानून में हुए फेरदबदल संबंधी शहर के आरटीआई कानून पर कार्य कर रहे प्रतिनिधियों से बात की।

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