Saturday, December 05, 2009

Plea seeks RTI payment through postal order

Justice KS Jhaveri of the Gujarat high court has issued notices to the state government and others pertaining to a writ petition seeking to accept Indian Postal Order (IPO) as one of the modes of payment to deposit fees during the filing of applications under Right to Information Act. Bringing the issue to notice, the petitioner Amit Jethwa, a social worker, stated that the state government has not issued a notification to accept fees through IPO despite it being acceptable in all other states of the country. "Payment through draft is expensive for the applicant while IPO is the cheapest way to deposit the amount," said Vijay Nangesh, counsel for Jethwa.
Complete Article
Comments:
मध्य प्रदेश में भी पोस्टल ऑर्डर स्वीकार नहीं किये जाते हैं। वहां आवेदन के साथ 10 रुपये का गैर न्यायिक स्टांप पेपर, भले ही आवेदन का कोई जवाब महीने भर की तय समय सीमा में ना मिला हो फिर भी पहली अपील के साथ 50 रुपये का गैर न्यायिक स्टांप पेपर और दूसरी अपील के साथ 100 रुपये का गैर न्यायिक स्टांप पेपर लगाना होता है। 10 रुपये जैसी कम कीमत का गैर न्यायिक स्टांप पेपर मिलना आजकल आसान काम नहीं है। इसके अलावा जानकारी देने के लिये कोई फीस देनी हो तो वो भी सरकारी खजाने में जमा करानी होती है। यानी मध्य प्रदेश से बाहर का कोई आदमी जानकारी लेना चाहे तो तमाम तरह की बाधायें हैं उसके सामने। कहां से वो मध्य प्रदेश के स्टांप पेपर लाये और कहां से उनके खजाने में जाकर पैसा जमा कराये।  
Post a Comment

<< Home

This page is powered by Blogger. Isn't yours?

Subscribe to Posts [Atom]